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रोजगार का झांसा देकर करोड़ों का खेल
Muzaffarpur मुजफ्फरपुर। सरकारी योजना के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने और मशरूम उत्पादन से कमाई का अवसर देने के नाम पर 2.67 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि लाभार्थियों के नाम पर लोन स्वीकृत कराया गया और रकम संबंधित लोगों तक पहुंचने के बजाय कंपनी के खातों में ट्रांसफर करा ली गई। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया है, जबकि उसकी बहन की तलाश की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मशरूम उत्पादन और 'स्मार्ट हट' के जरिए रोजगार दिलाने की योजना बताकर लोगों को अपने साथ जोड़ा था। इसमें जीविका दीदियों समेत अन्य लाभार्थियों को रोजगार और आमदनी का भरोसा दिलाए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि योजना के तहत लाभार्थियों के नाम पर बैंक से लोन स्वीकृत कराया गया। आरोप है कि लोन की रकम लाभार्थियों के नियंत्रण में देने के बजाय कंपनी से जुड़े खातों में ट्रांसफर करा ली गई। बाद में योजना के वादे पूरे नहीं होने और लोन का बोझ लाभार्थियों पर आने के बाद मामला सामने आया।
कथित धोखाधड़ी की रकम करीब 2.67 करोड़ रुपए बताई जा रही है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मुख्य आरोपी आशुतोष मंगलम तक पहुंची। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में आरोपी की बहन की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है। फिलहाल वह फरार बताई जा रही है और उसकी तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लाभार्थियों के नाम पर कितने ऋण स्वीकृत कराए गए और रकम किन-किन खातों में भेजी गई।
पुलिस मामले से जुड़े बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि कथित ठगी में अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं। मामले में फिलहाल लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। आगे की जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड से कथित धोखाधड़ी के पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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